नोएडा श्रमिक आंदोलन के श्रमिकों को आंदोलन करते वक़्त पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया, हिरासत में लिए गए कुछ लोगों के वकीलों और परिवार के सदस्यों ने गिरफ्तारियों को “अवैध” और “न्यायेतर” करार दिया है और दावा किया है कि हिरासत में लिए गए कई लोग बस दर्शक थे जिन्होंने आंदोलन में कोई भूमिका नहीं निभाई थी।
नोएडा श्रमिक आंदोलन को श्रमिकों ने अपनी वेतन वृद्धि के लिए शुरू किया था जिसमें कई लोग आंदोलन के दूसरे दिन ही गिरफ़्तार कर लिए गए थे।
श्रमिकों के परिवारीजन इस समय अपने भाई अपने बेटे की रिहाई के लिए अदालतों के चक्कर काट रहे हैँ। इस तरह वे न तो काम पर ठीक से जा पाते हैँ न ही परिवार के लिए आवश्यक धन कमा पाते हैँ।
पत्रकार के सवाल पूछने और टिप्पणी के लिए संपर्क करने पर पुलिस आयुक्त ने कोई जवाब नहीं दिया। एक अधिकारी ने कहा, “मामले अदालत में हैं और गिरफ्तारी ज्ञापन और चिकित्सा जांच प्रमाण पत्र सहित पर्याप्त दस्तावेज पेश किए गए हैं। उनके परिवार के सदस्यों को सूचित कर दिया गया था। हमारी ओर से कोई चूक नहीं हुई।”