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Ratan Tata: राष्ट्रीय आइकॉन, दिग्गज उद्योगपति और TATA समूह के चेयरमैन 86 वर्षीय रतन टाटा नहीं रहे।
बोशल
October 10, 2024
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दुनिया को एड्स मुक्त बनाने की दिशा में कैरेबियाई देश बारबाडोस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। बारबाडोस ने अब मां से बच्चे को होने वाले एचआईवी संक्रमण पर रोक लगा दी.सही समय पर जांच, ज़रूरी वैक्सीन और अस्पतालों तक सहज पहुँच और मुफ्त इलाज से यह संभव हुआ. WHO ने अधिकारिक रूप से कहा कि बारबाडोस ने 2022 से 2024 के बीच अपने देश में 98% गर्भवती महिलाओं का इस तरह इलाज किया कि एक पीढ़ी एचआईवी से मुक्त हो गयी और पूरी दुनिया के बचपन को एक बड़ी उम्मीद दी है.
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राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छापोली गांव में सोमवार को सड़क निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हो गया। यहां सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाली मिक्सर मशीन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई, जिससे मशीन में करंट फैल गया और मौके पर काम कर रहे 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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Harvard Study: आत्महत्या से पहले ‘डिप्रेशन’ नहीं, ‘बेचैनी'(Agitation) है बड़ा संकेत
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सत्य निकेतन के ढहने से मरने वाले छात्रों की संख्या 7 हुई। बीते 5 सालों में दिल्ली में भवन ढहने से 169 लोगों की मौत हुई, 2020 से दिल्ली में आवासीय इमारतों के ढहने से मरने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई।
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X post : बेहतर नहीं होता कि जब तक नये हॉस्टल नहीं बन जाते तब तक विश्वविद्यालय और शासन की तरफ से आसपास के ऐसे तमाम भवनों का तकनीकी सर्वेक्षण कराकर मजबूत ढंग से बनाये प्राइवेट भवनों को ही छात्रावास के तौर पर इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जाती! पर सरकार ने तो ये भी नहीं किया. DU एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है, इसलिए सवाल तो बनता है कि विकसित भारत का नारा देने वाली सरकार ने इस विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए 12 साल में कितने छात्रावास बनवाये? हमें जो छात्र-शिक्षकों से जानकारी मिली है,वह है–शून्य! यानी 12 साल में नये हॉस्टल नहीं बने! (उर्मिलेश उर्मिल, वरिष्ठ पत्रकार )
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अकादमिक स्वतंत्रता सूचकांक 2024 के अनुसार भारत की शैक्षणिक स्वतंत्रता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह बीते 10 सालों में 0.6 अंक से गिरकर 0.2 अंक पर आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब छात्रों और विद्वानों की शैक्षणिक स्वतंत्रता 1940 के बाद सबसे निचले स्तर पर है और पूरी तरह “प्रतिबंधित श्रेणी” के अंतर्गत है। अब सबसे बड़ा खतरा सत्तारूढ़ BJP द्वारा विश्वविद्यालयों पर राजनीतिक नियंत्रण करना है और उनके द्वारा हिंदू राष्ट्रवादी एजेंडा थोपने के प्रयास है। साथ ही छात्र विरोध को सीमित करने वाली विश्वविद्यालय की नीतियां हैं।
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श्रद्धांजलि: आप जब भी रतन टाटा के बारे में कुछ पढ़ेंगे, आपके भीतर यह भाव पैदा नहीं होगा कि ख़ुश रहने और शान की ज़िंदगी जीने के लिए हमारे पास लंबी गाड़ी होनी चाहिए, आलीशान बंगला होना चाहिए और ब्रांडेड चीज़ों से लदा जीवन होना चाहिए।यह कोई मामूली बात नहीं है।आप ज़रा नज़र घुमाकर देखिए, आपके आसपास की दुनिया कैसे छोटी-छोटी बातों में इन सबके न होने पर आपको कैसे कमतर होने का क्रूरता की हद तक एहसास कराते हैं। (विनीत कुमार,लेखक और मीडिया आलोचक)
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