Harvard University के मनोवैज्ञानिक मैथ्यू नॉक की नई स्टडी में दावा किया गया है कि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति में होने वाले बदलावों को लगातार ट्रैक करके अगले एक हफ्ते में होने वाले करीब 75% आत्महत्या के प्रयासों(suicide attempt) का अनुमान लगाया जा सकता है। स्टडी की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि depression के बजाय agitation यानी बेचैनी, घबराहट और मानसिक अशांति suicide attempt का ज्यादा मजबूत संकेत थी। यानी किसी व्यक्ति के आत्महत्या वाले विचारों को समझने के लिए सिर्फ यह देखना काफी नहीं कि वह कितना depressed है, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि वह उस वक्त कितनी बेचैनी और मानसिक तनाव से गुजर रहा है।