मिजोरम की मामित जिला अदालत ने दो BSF जवानों को 2017 में एक चकमा महिला के साथ बलात्कार और तेजाब फेंकने तथा उसकी सहेली के साथ बलात्कार और हत्या के आरोप में 20 साल की कैद की सजा सुनाई है। घटना के समय दोनों महिलाएं भारत-बांग्लादेश सीमा पर केकड़े और बांस के अंकुर इकट्ठा कर रही थीं।
आइजोल न्यायिक जिले की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिल्वी ज़ोमुआनपुई राल्टे द्वारा 12 जून को फैसला लिखा गया और मंगलवार 16 जून, 2026 को आदेश सार्वजनिक किया गया।
दोनों को तीन मामलों में क्रमशः 20 साल, 12 साल और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई, और प्रत्येक अपराध के लिए 20,000 रुपये का जुर्माना न भरने पर दो महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई।
आदेश में कहा गया है, “सभी मुख्य सजाएं एक साथ चलेंगी,” साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि दोनों ने मुकदमे के दौरान 144 दिन हिरासत में बिताए थे, और दोषियों को फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है।
सुनवाई के दौरान
दोनों बीएसएफ जवानों के बयान दर्ज किए गए, हालांकि “बीएसएफ अधिकारियों” ने शुरू में “उन्हें गिरफ्तार करने और उनके जैविक नमूने एकत्र करने के प्रयासों का विरोध किया”, जिसके कारण आगे प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी।
व्यापक तलाशी अभियान के बाद पुलिस ने पीड़िता की लापता सहेली का शव बरामद किया। शव सड़ी-गली अवस्था में था, लेकिन आसपास के हालात और फोरेंसिक जांच से संकेत मिलता है कि उसकी मौत आकस्मिक नहीं बल्कि हत्या थी और उसी घटना से जुड़ी हुई थी।