लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने कहा कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से यह नाजुक क्षेत्र व्यापक संघर्ष की ओर बढ़ रहा है। लगभग एक करोड़ भारतीयों सहित करोड़ों लोग अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। सुरक्षा संबंधी चिंताएँ वास्तविक हैं, लेकिन संप्रभुता का उल्लंघन करने वाले हमले संकट को और भी गंभीर बना देंगे। ईरान पर एकतरफा हमले, साथ ही ईरान द्वारा अन्य मध्य पूर्वी देशों पर किए गए हमले, दोनों की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। हिंसा से हिंसा ही उत्पन्न होती है – संवाद और संयम ही शांति का एकमात्र मार्ग है। भारत को नैतिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए। हमें अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव जीवन की रक्षा में खुलकर बोलने का साहस होना चाहिए। हमारी विदेश नीति संप्रभुता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित है और इसे सुसंगत बनाए रखना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी को इस पर बोलना चाहिए। क्या वे विश्व व्यवस्था को परिभाषित करने के तरीके के रूप में किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या का समर्थन करते हैं? इस समय चुप्पी साधने से विश्व में भारत की प्रतिष्ठा कम होगी।

- बोशल
-
March 3, 2026
- 126347 Views
0 0